Correct Answer:
Option D - विक्षेप कोण- किसी चंक्रम की एक अग्र रेखा, पश्च रेखा के विस्तार (सीध में आगे बढ़ाये जाने पर) के साथ जो कोण बनाती है, उसे विक्षेप कोण कहते है।
नोट–1. पश्च रेखा का विस्तार, अग्र रेखा के दोनों तरफ दायें अथवा बायें हो सकता है। इसे दायाँ विक्षेप कोण अथवा बायाँ विक्षेप कोण कहते है।
2. इसका मान 0⁰ से 180⁰ के बीच में हो सकता है।
D. विक्षेप कोण- किसी चंक्रम की एक अग्र रेखा, पश्च रेखा के विस्तार (सीध में आगे बढ़ाये जाने पर) के साथ जो कोण बनाती है, उसे विक्षेप कोण कहते है।
नोट–1. पश्च रेखा का विस्तार, अग्र रेखा के दोनों तरफ दायें अथवा बायें हो सकता है। इसे दायाँ विक्षेप कोण अथवा बायाँ विक्षेप कोण कहते है।
2. इसका मान 0⁰ से 180⁰ के बीच में हो सकता है।