Correct Answer:
Option C - चरकुला नृत्य उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रचलित लोकनृत्य है, जो होली के तीसरे दिन किया जाता है। इसमें पर्दा ढकी महिलाएँ 108 दीपकों का चरकुला (बहुस्तरीय गोलाकार लकड़ी का पिरामिड जैसा पिंजरा) सिर पर रखकर कृष्ण गीतों पर नृत्य करती है। इसी तरह ढेढि़या नृत्य अवध क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोकनृत्य हैं यह नृत्य राम के लंका विजय के बाद वापस आने पर स्वागत स्वरूप किया जाता है। इसमें छिद्रयुक्त मिट्टी के बर्तन में दीपक जलाकर उसे सिर पर रख कर नृत्य किया जाता है।
C. चरकुला नृत्य उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रचलित लोकनृत्य है, जो होली के तीसरे दिन किया जाता है। इसमें पर्दा ढकी महिलाएँ 108 दीपकों का चरकुला (बहुस्तरीय गोलाकार लकड़ी का पिरामिड जैसा पिंजरा) सिर पर रखकर कृष्ण गीतों पर नृत्य करती है। इसी तरह ढेढि़या नृत्य अवध क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोकनृत्य हैं यह नृत्य राम के लंका विजय के बाद वापस आने पर स्वागत स्वरूप किया जाता है। इसमें छिद्रयुक्त मिट्टी के बर्तन में दीपक जलाकर उसे सिर पर रख कर नृत्य किया जाता है।