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Q: The consent of _______ required for alternating its boundaries according to the Constitutional provisions./संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्यों की सीमाओं को बदलने के लिए ........ सहमति की आवश्यकता है।
  • A. The State Legislatures Under house is राज्य के विधानसभा सदन की
  • B. The Chief Minister is/राज्य के मुख्यमंत्री की
  • C. The state is/राज्य की
  • D. The state is not/राज्य की नहीं
Correct Answer: Option D - भारतीय संविधान के अनुच्छेद-3 के अनुसार संसद साधारण बहुमत से किसी नये राज्य का गठन तथा किसी वर्तमान राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन कर सकती है। किन्तु इससे सम्बन्धित विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश से ही संसद में प्रस्तुत किया जाएगा अन्यथा नहीं। यदि विधेयक किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन से सम्बन्धित है तो राष्ट्रपति विधेयक को सम्बन्धित राज्य के विधानमण्डल को राय हेतु प्रेषित करेगा, किन्तु राष्ट्रपति या संसद विधानमण्डल की राय से आबद्ध नहीं होंगे। संसद द्वारा अनुच्छेद-2 (संसद को संघ से नये राज्यों को प्रवेश या स्थापना करने का अधिकार) अथवा अनुच्छेद-3 के अन्तर्गत बनायी गयी विधि अनुच्छेद-368 के प्रयोजनों के लिए संविधान में संशोधन करने वाली विविध नहीं समझी जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद-370 के अधीन लागू कश्मीर को विशेष दर्जा (स्टेट्स) दिया गया था, किन्तु जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 के तहत, जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया है तथा दो नये केन्द्र शासित प्रदेशों में यथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किया गया है।
D. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-3 के अनुसार संसद साधारण बहुमत से किसी नये राज्य का गठन तथा किसी वर्तमान राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन कर सकती है। किन्तु इससे सम्बन्धित विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश से ही संसद में प्रस्तुत किया जाएगा अन्यथा नहीं। यदि विधेयक किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन से सम्बन्धित है तो राष्ट्रपति विधेयक को सम्बन्धित राज्य के विधानमण्डल को राय हेतु प्रेषित करेगा, किन्तु राष्ट्रपति या संसद विधानमण्डल की राय से आबद्ध नहीं होंगे। संसद द्वारा अनुच्छेद-2 (संसद को संघ से नये राज्यों को प्रवेश या स्थापना करने का अधिकार) अथवा अनुच्छेद-3 के अन्तर्गत बनायी गयी विधि अनुच्छेद-368 के प्रयोजनों के लिए संविधान में संशोधन करने वाली विविध नहीं समझी जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद-370 के अधीन लागू कश्मीर को विशेष दर्जा (स्टेट्स) दिया गया था, किन्तु जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 के तहत, जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया है तथा दो नये केन्द्र शासित प्रदेशों में यथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किया गया है।

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भारतीय संविधान के अनुच्छेद-3 के अनुसार संसद साधारण बहुमत से किसी नये राज्य का गठन तथा किसी वर्तमान राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन कर सकती है। किन्तु इससे सम्बन्धित विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश से ही संसद में प्रस्तुत किया जाएगा अन्यथा नहीं। यदि विधेयक किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन से सम्बन्धित है तो राष्ट्रपति विधेयक को सम्बन्धित राज्य के विधानमण्डल को राय हेतु प्रेषित करेगा, किन्तु राष्ट्रपति या संसद विधानमण्डल की राय से आबद्ध नहीं होंगे। संसद द्वारा अनुच्छेद-2 (संसद को संघ से नये राज्यों को प्रवेश या स्थापना करने का अधिकार) अथवा अनुच्छेद-3 के अन्तर्गत बनायी गयी विधि अनुच्छेद-368 के प्रयोजनों के लिए संविधान में संशोधन करने वाली विविध नहीं समझी जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद-370 के अधीन लागू कश्मीर को विशेष दर्जा (स्टेट्स) दिया गया था, किन्तु जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम-2019 के तहत, जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया है तथा दो नये केन्द्र शासित प्रदेशों में यथा जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किया गया है।