Correct Answer:
Option A - एक प्रबल विद्युत अपघटय की चालकता तनुता के साथ बढ़ती है, क्योंकि विलयन की तनुता बढ़ाने पर आयतन बढ़ता है, जिससे तुल्यांकी चालकता का मान भी बढ़ता है। ज्ञातव्य है कि जिन विद्युत अपघटय पदार्थों का जल में पूर्णत: आयनन हो जाता है, उन्हें प्रबल विद्युत अपघट्य कहते हैं। परन्तु बिहार लोेक सेवा आयोग द्वारा इसका उत्तर (a) माना गया है।
A. एक प्रबल विद्युत अपघटय की चालकता तनुता के साथ बढ़ती है, क्योंकि विलयन की तनुता बढ़ाने पर आयतन बढ़ता है, जिससे तुल्यांकी चालकता का मान भी बढ़ता है। ज्ञातव्य है कि जिन विद्युत अपघटय पदार्थों का जल में पूर्णत: आयनन हो जाता है, उन्हें प्रबल विद्युत अपघट्य कहते हैं। परन्तु बिहार लोेक सेवा आयोग द्वारा इसका उत्तर (a) माना गया है।