Correct Answer:
Option D - बन्द चक्रंम के गुणधर्म (Properties of closed traverse):-
■ एक बन्द चक्रम की चाहे कितनी भुजायें हो, उसके अन्तर्गत कोणों और भुजाओं में निम्न सम्बन्ध रहता है–
(i) भीतरी कोणों (Interior Angles) का योग = (2N – 4) × 90°
(ii) बाहरी कोणों (Exterior Angles) का योग = (2N + 4) × 90°
जहाँ N = चंक्रम की भुजाओं की संख्या
■ विक्षेप कोणों के मापन द्वारा चंक्रमण की जाँच –
(a) बन्द (संवृत्त) चक्रम की जाँच निम्न प्रकार है–
सभी दक्षिणावर्त विक्षेप कोणों को (+ve) व सभी वामावर्त विक्षेप कोणों को (–ve) मानकर, इनका शुद्ध योगफल = 360° होना चाहिए।
(b) खुली चंक्रम की जाँच निम्न प्रकार करें–
(पहली भुजा का दिक्मान) + (सभी बायीं ओर के कोणों का योग) – अन्तिम भुजा का अग्र दिक्मान) का शुद्ध योग, 180° से पूरा-पूरा विभाजित हो जाना चाहिए।
D. बन्द चक्रंम के गुणधर्म (Properties of closed traverse):-
■ एक बन्द चक्रम की चाहे कितनी भुजायें हो, उसके अन्तर्गत कोणों और भुजाओं में निम्न सम्बन्ध रहता है–
(i) भीतरी कोणों (Interior Angles) का योग = (2N – 4) × 90°
(ii) बाहरी कोणों (Exterior Angles) का योग = (2N + 4) × 90°
जहाँ N = चंक्रम की भुजाओं की संख्या
■ विक्षेप कोणों के मापन द्वारा चंक्रमण की जाँच –
(a) बन्द (संवृत्त) चक्रम की जाँच निम्न प्रकार है–
सभी दक्षिणावर्त विक्षेप कोणों को (+ve) व सभी वामावर्त विक्षेप कोणों को (–ve) मानकर, इनका शुद्ध योगफल = 360° होना चाहिए।
(b) खुली चंक्रम की जाँच निम्न प्रकार करें–
(पहली भुजा का दिक्मान) + (सभी बायीं ओर के कोणों का योग) – अन्तिम भुजा का अग्र दिक्मान) का शुद्ध योग, 180° से पूरा-पूरा विभाजित हो जाना चाहिए।