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Q: The Champaran Movement was basically against : चम्पारण आन्दोलन मुख्यत: किसके विरोध में था?
  • A. Land revenue/भू-राजस्व
  • B. cash crops/नकदी फसल
  • C. agricultural policies of the British Government/ब्रिटिश सरकार की कृषि नीति
  • D. Land grants/भू-अनुदान
Correct Answer: Option B - चम्पारण किसान आन्दोलन देश की आजादी के संघर्ष का मजबूत प्रतीक बन गया था। हजारों भूमिहीन मजदूर एवं गरीब किसान खाद्यान्न के बजाय नील और अन्य नकदी फसलों की खेती करने के लिए बाध्य हो गये थे। वहाँ पर नील की खेती करने वाले किसानों पर बहुत अत्याचार हो रहा था। महात्मा गांधी ने अप्रैल 1917 में राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर बिहार के चम्पारण के नील कृषकों की स्थिति का जायजा लेने वहाँ पहुँचे थे। गाँधी जी ने तिनकठिया पद्धति के खिलाफ चम्पारण सत्याग्रह शुरू किया।
B. चम्पारण किसान आन्दोलन देश की आजादी के संघर्ष का मजबूत प्रतीक बन गया था। हजारों भूमिहीन मजदूर एवं गरीब किसान खाद्यान्न के बजाय नील और अन्य नकदी फसलों की खेती करने के लिए बाध्य हो गये थे। वहाँ पर नील की खेती करने वाले किसानों पर बहुत अत्याचार हो रहा था। महात्मा गांधी ने अप्रैल 1917 में राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर बिहार के चम्पारण के नील कृषकों की स्थिति का जायजा लेने वहाँ पहुँचे थे। गाँधी जी ने तिनकठिया पद्धति के खिलाफ चम्पारण सत्याग्रह शुरू किया।

Explanations:

चम्पारण किसान आन्दोलन देश की आजादी के संघर्ष का मजबूत प्रतीक बन गया था। हजारों भूमिहीन मजदूर एवं गरीब किसान खाद्यान्न के बजाय नील और अन्य नकदी फसलों की खेती करने के लिए बाध्य हो गये थे। वहाँ पर नील की खेती करने वाले किसानों पर बहुत अत्याचार हो रहा था। महात्मा गांधी ने अप्रैल 1917 में राजकुमार शुक्ल के निमंत्रण पर बिहार के चम्पारण के नील कृषकों की स्थिति का जायजा लेने वहाँ पहुँचे थे। गाँधी जी ने तिनकठिया पद्धति के खिलाफ चम्पारण सत्याग्रह शुरू किया।