Correct Answer:
Option A - जलाशय के भण्डारण की क्षमता का निर्धारण आंतरिक प्रवाह के द्रव्यमान वक्र द्वारा किया जाता है।
द्रव्यमान वक्र (Mass Curve):- जलाशय की क्षमता को निर्धारित करने के लिए रिपल ने 1883 में एक चित्रात्मक तकनीक दी जो द्रव्यमान वक्र कहलाता है।
■ यह धारा प्रवाह का संचय किये गये जल के संचयी आयतन (Cumulative volume) और समय (महीनों में) के बीच ग्राफ है।
■ इन वक्रों का उपयोग हाइड्रोलॉजिकल सूखे क्षेत्र के मूल्यांकन में किया जाता है।
A. जलाशय के भण्डारण की क्षमता का निर्धारण आंतरिक प्रवाह के द्रव्यमान वक्र द्वारा किया जाता है।
द्रव्यमान वक्र (Mass Curve):- जलाशय की क्षमता को निर्धारित करने के लिए रिपल ने 1883 में एक चित्रात्मक तकनीक दी जो द्रव्यमान वक्र कहलाता है।
■ यह धारा प्रवाह का संचय किये गये जल के संचयी आयतन (Cumulative volume) और समय (महीनों में) के बीच ग्राफ है।
■ इन वक्रों का उपयोग हाइड्रोलॉजिकल सूखे क्षेत्र के मूल्यांकन में किया जाता है।