Explanations:
जॉन डीवी एक प्रभावशाली दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक विचारक थे। इन्होंने 1916 में ‘डेमोक्रेसी एंड एजुकेशन तथा ‘इन्ट्रोडक्शन टू द फिलॉसफी ऑफ एजुकेशन’ पर अपनी पुस्तक प्रकाशित की। इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से बीच की कड़ी पर प्रकाश डाला जो लोकतंत्र की उनकी वकालत को दर्शाता है। डीवी ने जोर देकर कहा कि शिक्षा को छात्रों को अनिश्चित भविष्य के लिए तैयार करना है और इसलिए प्रभावी आदतों को विकसित करने और सीखने, के तरीके तथा सीखने की क्षमता को उच्च प्राथमिकता दी।