Correct Answer:
Option B - बैंकों द्वारा नकद एवं परिसम्पत्तियों को निर्धारित अनुपात में बनाये रखने को एस.एल.आर. (वैधानिक तरलता अनुपात) कहा जाता है। एस.एल.आर. के अन्तर्गत देश के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को अपने सकल जमाओं का एक विशेष हिस्सा अपने ही पास ‘गैर-नकद’ रूप में रखना अनिवार्य है। 23 जनवरी 2007 को जारी एक अध्यादेश के द्वारा SLR की निचली सीमा (25%) को समाप्त कर दिया गया है, अर्थात इसे किसी स्तर तक RBI द्वारा नीचे लाया जा सकता है।
B. बैंकों द्वारा नकद एवं परिसम्पत्तियों को निर्धारित अनुपात में बनाये रखने को एस.एल.आर. (वैधानिक तरलता अनुपात) कहा जाता है। एस.एल.आर. के अन्तर्गत देश के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को अपने सकल जमाओं का एक विशेष हिस्सा अपने ही पास ‘गैर-नकद’ रूप में रखना अनिवार्य है। 23 जनवरी 2007 को जारी एक अध्यादेश के द्वारा SLR की निचली सीमा (25%) को समाप्त कर दिया गया है, अर्थात इसे किसी स्तर तक RBI द्वारा नीचे लाया जा सकता है।