Explanations:
फैक्टरिंग एक वित्तीय विकल्प है जो ‘प्राप्य’’ के प्रबंधन के लिए प्रयोग होता है यह एक अल्पकालिक वित्तपोषण के लिए तत्काल प्राप्त करने और खरीदारों द्वारा भुगतान में देरी और चूक से सम्बन्धित जोखिमों को कम करने का एक उपकरण है। फैक्टरिंग की प्रक्रिया में विक्रेता अपनी प्राप्तियों को एक वित्तीय संस्थान को छूट पर बेचता है और भारत में S.B.I. Factor and Commercial Limited पहली फैक्टरी कम्पनी थी।