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Q: The application of curing on the prepared concrete results in_____ तैयार कंक्रीट पर तराई (क्योरिंग) के प्रयोग के कारण क्या होता है?
  • A. decrease in compressive strength संपीडन सामर्थ्य में कमी
  • B. increase in air entrainment/वायु प्रवेश में वृद्धि
  • C. no change in strength/सामर्थ्य में कोई परिवर्तन नहीं
  • D. increase in compressive strength संपीडन सामर्थ्य में वृद्धि
Correct Answer: Option D - कंक्रीट की तराई (Curing of concrete)-कठोर हुई कंक्रीट में कुछ समय तक आवश्यक नमीं बनाये रखना अथवा पानी छिड़क कर इसे नम बनाये रखना कंक्रीट की तराई कहलाता है। कक्रीट तराई के उद्देश्य निम्न हैं- (i) कंक्रीट की जलयोजन क्रिया जारी रखने के लिए आवश्यक नमी उपलब्ध कराना। (ii) कंक्रीट के रन्ध्रों में नमीं बनाये रखना ताकि कंक्रीट अपनी वांछित सामर्थ्य ग्रहण कर सके। (iii) वाष्पीकरण के कारण कंक्रीट की नमी की क्षतिपूर्ति करना। (iv) कंक्रीट की जलाभेद्यता व अपघर्षण क्षमता में वृद्धि करना। (v) तराई करने से कंक्रीट स्थिर व टिकाऊ बन जाती है और इसका संकुचन रूक जाता है। (vi) तराई करने से कंक्रीट की संपीडन सामर्थ्य बढ़ जाती है।
D. कंक्रीट की तराई (Curing of concrete)-कठोर हुई कंक्रीट में कुछ समय तक आवश्यक नमीं बनाये रखना अथवा पानी छिड़क कर इसे नम बनाये रखना कंक्रीट की तराई कहलाता है। कक्रीट तराई के उद्देश्य निम्न हैं- (i) कंक्रीट की जलयोजन क्रिया जारी रखने के लिए आवश्यक नमी उपलब्ध कराना। (ii) कंक्रीट के रन्ध्रों में नमीं बनाये रखना ताकि कंक्रीट अपनी वांछित सामर्थ्य ग्रहण कर सके। (iii) वाष्पीकरण के कारण कंक्रीट की नमी की क्षतिपूर्ति करना। (iv) कंक्रीट की जलाभेद्यता व अपघर्षण क्षमता में वृद्धि करना। (v) तराई करने से कंक्रीट स्थिर व टिकाऊ बन जाती है और इसका संकुचन रूक जाता है। (vi) तराई करने से कंक्रीट की संपीडन सामर्थ्य बढ़ जाती है।

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कंक्रीट की तराई (Curing of concrete)-कठोर हुई कंक्रीट में कुछ समय तक आवश्यक नमीं बनाये रखना अथवा पानी छिड़क कर इसे नम बनाये रखना कंक्रीट की तराई कहलाता है। कक्रीट तराई के उद्देश्य निम्न हैं- (i) कंक्रीट की जलयोजन क्रिया जारी रखने के लिए आवश्यक नमी उपलब्ध कराना। (ii) कंक्रीट के रन्ध्रों में नमीं बनाये रखना ताकि कंक्रीट अपनी वांछित सामर्थ्य ग्रहण कर सके। (iii) वाष्पीकरण के कारण कंक्रीट की नमी की क्षतिपूर्ति करना। (iv) कंक्रीट की जलाभेद्यता व अपघर्षण क्षमता में वृद्धि करना। (v) तराई करने से कंक्रीट स्थिर व टिकाऊ बन जाती है और इसका संकुचन रूक जाता है। (vi) तराई करने से कंक्रीट की संपीडन सामर्थ्य बढ़ जाती है।