Correct Answer:
Option A - एमीनों एसिड (प्रोटीन), इन्जाइम का एक हिस्सा है जिसे एपोइन्जाइम कहते है।
एपोइन्जाइम एक निष्क्रिय (Inactive) एन्जाइम होता है। जो कार्बनिक व अकार्बनिक को- फैक्टर से जुड़कर सक्रिय एन्जाइम बनता है। किसी एन्जाइम का प्रोटीनीय (Proteinaceous) भाग एपोएन्जाइम कहलाता है। चूंकि अमीनो अम्ल प्रोटीन का घटक है, इसलिए दिए गए विकल्प में (a) सही है।
Holoenzyme–इनमें प्रोटीन के साथ, प्रोटीन प्रकृति (Non-protein) से भिन्न एक अन्य पदार्थ जुड़ा रहता है। इस पूरे समूह को Holoenzyme कहते है।
Co-enzyme–कोएन्जाइम ऐसे कार्बनिक पदार्थ है जो कुछ एन्जाइमों की सक्रियता के लिए आवश्यक होते है, परन्तु एन्जाइम के साथ क्रिया के समय ही अस्थायी (Temporary) रूप से संयुक्त होते है। उदाहरण–NAD, NADP etc। अनके कोएन्जाइम में विटामिन्स आवश्यक पदार्थ हैं जैसे NAD⁺⁺ में नियासिन (Vitamin B5) तथा कोएन्जाइम A में पेन्टोथेनिक अम्ल (Vit B₅)।
Co-factor–प्रोटीन प्रकृति से भिन्न पदार्थ को Cofactor कहते है।
A. एमीनों एसिड (प्रोटीन), इन्जाइम का एक हिस्सा है जिसे एपोइन्जाइम कहते है।
एपोइन्जाइम एक निष्क्रिय (Inactive) एन्जाइम होता है। जो कार्बनिक व अकार्बनिक को- फैक्टर से जुड़कर सक्रिय एन्जाइम बनता है। किसी एन्जाइम का प्रोटीनीय (Proteinaceous) भाग एपोएन्जाइम कहलाता है। चूंकि अमीनो अम्ल प्रोटीन का घटक है, इसलिए दिए गए विकल्प में (a) सही है।
Holoenzyme–इनमें प्रोटीन के साथ, प्रोटीन प्रकृति (Non-protein) से भिन्न एक अन्य पदार्थ जुड़ा रहता है। इस पूरे समूह को Holoenzyme कहते है।
Co-enzyme–कोएन्जाइम ऐसे कार्बनिक पदार्थ है जो कुछ एन्जाइमों की सक्रियता के लिए आवश्यक होते है, परन्तु एन्जाइम के साथ क्रिया के समय ही अस्थायी (Temporary) रूप से संयुक्त होते है। उदाहरण–NAD, NADP etc। अनके कोएन्जाइम में विटामिन्स आवश्यक पदार्थ हैं जैसे NAD⁺⁺ में नियासिन (Vitamin B5) तथा कोएन्जाइम A में पेन्टोथेनिक अम्ल (Vit B₅)।
Co-factor–प्रोटीन प्रकृति से भिन्न पदार्थ को Cofactor कहते है।