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Q: The alkaloid reserpine is obtained from the root of:
  • A. Papaver Somniferum
  • B. Zingi ber officinale
  • C. Hemidesmus Indicus
  • D. Rauwolfia Serpentima
Correct Answer: Option D - राऊल्फियाँ सर्पेंटाइना अर्थात सर्पगंधा एपोसाइनेसी परिवार का द्विबीजपत्री, बहुवर्षीय, झाड़ीदार, सपुष्पक और महत्वपर्ण औषधीय पौधा है। इस पौधे का पता सर्वप्रथम लियोनार्ड राल्फ 1582 ई. में लगाया था। सर्प गंधा के औषधीय गुण मुत्रयत: पौधे की जड़ो (Roots) में पाए जाते हैं। इसमें अनेक क्षार (Alkaloids) पाए जाते हैं जिसमें रेसर्पीन सबसे महत्वपूर्ण होता है। सर्पगंधा की जड़े पित्त पौष्टिक, ज्वरहर, निद्राकार, गर्भाशय उत्तेजक तथा विषहर होती है। जड़ का रस उच्च रक्तचाप एवं अतितनाव (hypertension) की बहुमूल्य औषधि है। हिस्टीसरिया, मिर्गी, घबराहट, मानसिक असंतुलन, पागलपन अनिद्रा आदि रोगों के उपचार में भी इसका प्रयोग होता है। Papaver somniferum (अफीम), जो कि Papaveraceae कुल का औषधि प्रदान करने वाला पौधा है, का उपयोगी भाग कैप्सूल होता है। इससे मारफीन व कोडीन नामक दबाइयाँ प्राप्त की जाती है। जो दर्द निवारक है।
D. राऊल्फियाँ सर्पेंटाइना अर्थात सर्पगंधा एपोसाइनेसी परिवार का द्विबीजपत्री, बहुवर्षीय, झाड़ीदार, सपुष्पक और महत्वपर्ण औषधीय पौधा है। इस पौधे का पता सर्वप्रथम लियोनार्ड राल्फ 1582 ई. में लगाया था। सर्प गंधा के औषधीय गुण मुत्रयत: पौधे की जड़ो (Roots) में पाए जाते हैं। इसमें अनेक क्षार (Alkaloids) पाए जाते हैं जिसमें रेसर्पीन सबसे महत्वपूर्ण होता है। सर्पगंधा की जड़े पित्त पौष्टिक, ज्वरहर, निद्राकार, गर्भाशय उत्तेजक तथा विषहर होती है। जड़ का रस उच्च रक्तचाप एवं अतितनाव (hypertension) की बहुमूल्य औषधि है। हिस्टीसरिया, मिर्गी, घबराहट, मानसिक असंतुलन, पागलपन अनिद्रा आदि रोगों के उपचार में भी इसका प्रयोग होता है। Papaver somniferum (अफीम), जो कि Papaveraceae कुल का औषधि प्रदान करने वाला पौधा है, का उपयोगी भाग कैप्सूल होता है। इससे मारफीन व कोडीन नामक दबाइयाँ प्राप्त की जाती है। जो दर्द निवारक है।

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राऊल्फियाँ सर्पेंटाइना अर्थात सर्पगंधा एपोसाइनेसी परिवार का द्विबीजपत्री, बहुवर्षीय, झाड़ीदार, सपुष्पक और महत्वपर्ण औषधीय पौधा है। इस पौधे का पता सर्वप्रथम लियोनार्ड राल्फ 1582 ई. में लगाया था। सर्प गंधा के औषधीय गुण मुत्रयत: पौधे की जड़ो (Roots) में पाए जाते हैं। इसमें अनेक क्षार (Alkaloids) पाए जाते हैं जिसमें रेसर्पीन सबसे महत्वपूर्ण होता है। सर्पगंधा की जड़े पित्त पौष्टिक, ज्वरहर, निद्राकार, गर्भाशय उत्तेजक तथा विषहर होती है। जड़ का रस उच्च रक्तचाप एवं अतितनाव (hypertension) की बहुमूल्य औषधि है। हिस्टीसरिया, मिर्गी, घबराहट, मानसिक असंतुलन, पागलपन अनिद्रा आदि रोगों के उपचार में भी इसका प्रयोग होता है। Papaver somniferum (अफीम), जो कि Papaveraceae कुल का औषधि प्रदान करने वाला पौधा है, का उपयोगी भाग कैप्सूल होता है। इससे मारफीन व कोडीन नामक दबाइयाँ प्राप्त की जाती है। जो दर्द निवारक है।