Correct Answer:
Option B - मोहनजोदड़ो की एक मुहर पर स्वास्तिक चिह्न तथा एक त्रिमुखी पुरुष को सिंहासन पर योग मुद्रा में बैठे दिखाया गया है जिसे शिव का आदि रूप माना जाता है। इसके दायें तरफ हाथी एवं बाघ तथा बायें तरफ गैंडा एवं भैंसे का अंकन है। हड़प्पा सभ्यता के लोग धरती को उर्वरता की देवी मानकर इसकी पूजा करते थे। पशु, पक्षी, जल, वृक्ष, सर्प, अग्नि आदि की पूजा भी हड़प्पा सभ्यता में होती थी। हड़प्पा सभ्यता के लोग भगवान विष्णु की पूजा नहीं करते थे।
B. मोहनजोदड़ो की एक मुहर पर स्वास्तिक चिह्न तथा एक त्रिमुखी पुरुष को सिंहासन पर योग मुद्रा में बैठे दिखाया गया है जिसे शिव का आदि रूप माना जाता है। इसके दायें तरफ हाथी एवं बाघ तथा बायें तरफ गैंडा एवं भैंसे का अंकन है। हड़प्पा सभ्यता के लोग धरती को उर्वरता की देवी मानकर इसकी पूजा करते थे। पशु, पक्षी, जल, वृक्ष, सर्प, अग्नि आदि की पूजा भी हड़प्पा सभ्यता में होती थी। हड़प्पा सभ्यता के लोग भगवान विष्णु की पूजा नहीं करते थे।