Correct Answer:
Option A - दिव्याङ्गानां लेखनकौशलवर्धनार्थं समीचीनशब्दावल्या: प्रयोग: आवश्यकता भवति।
अर्थात् - दिव्याङ्गों (विकलाङ्गों) के लेखन कौशल को बढ़ाने के लिए प्रचलित (समीचीन) शब्दों के प्रयोग की आवश्यकता होती है। जिससे वे सरलता से लेखन क्रिया सम्पन्न कर सकें।
A. दिव्याङ्गानां लेखनकौशलवर्धनार्थं समीचीनशब्दावल्या: प्रयोग: आवश्यकता भवति।
अर्थात् - दिव्याङ्गों (विकलाङ्गों) के लेखन कौशल को बढ़ाने के लिए प्रचलित (समीचीन) शब्दों के प्रयोग की आवश्यकता होती है। जिससे वे सरलता से लेखन क्रिया सम्पन्न कर सकें।