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Q: ‘‘दिवस का अवसान समीप था, गगन था कुछ लोहित हो चला। तरूशिखा पर थी अब राजती, कमलिनी-कुल-वल्लभ की प्रभा।’’ उपर्युक्त पद्यांश में कौन-सा छन्द है?
  • A. द्रुतविनम्बित
  • B. मंदाक्रांता
  • C. व्नसन्ततिलका
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A -
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Explanations:

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