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Q: द्वाराहाट में नवीं शताब्दी के ध्वज मन्दिर को एक अन्य नाम से भी जाना जाता है-
  • A. महामृत्युंजय मन्दिर
  • B. कटारमल मन्दिर
  • C. गूजरदेव मन्दिर
  • D. कछेरी मन्दिर
Correct Answer: Option C - द्वारहाट मंदिर अल्मोड़ा से 170 किमी. की दूरी पर स्थित हिमालय के द्वारिका के नाम से जानी जाती है। यह कत्यूरी राजाओं के कलापे्रमी एवं धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने वहाँ 30 मंदिरों एवं 365 बावडि़यों का निर्माण करवाया था। इस मंदिर समूह को एक अन्य नाम गूजरदेव के मन्दिर भी है, जो कि सबसे बड़ा व उत्कृष्ट देवालय है।
C. द्वारहाट मंदिर अल्मोड़ा से 170 किमी. की दूरी पर स्थित हिमालय के द्वारिका के नाम से जानी जाती है। यह कत्यूरी राजाओं के कलापे्रमी एवं धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने वहाँ 30 मंदिरों एवं 365 बावडि़यों का निर्माण करवाया था। इस मंदिर समूह को एक अन्य नाम गूजरदेव के मन्दिर भी है, जो कि सबसे बड़ा व उत्कृष्ट देवालय है।

Explanations:

द्वारहाट मंदिर अल्मोड़ा से 170 किमी. की दूरी पर स्थित हिमालय के द्वारिका के नाम से जानी जाती है। यह कत्यूरी राजाओं के कलापे्रमी एवं धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने वहाँ 30 मंदिरों एवं 365 बावडि़यों का निर्माण करवाया था। इस मंदिर समूह को एक अन्य नाम गूजरदेव के मन्दिर भी है, जो कि सबसे बड़ा व उत्कृष्ट देवालय है।