Correct Answer:
Option D - ‘द्विजार्था’ इत्यस्य समासविग्रह: ‘द्विजाय इयम्’ स्यात् (ब्राह्मणी के लिए दाल) ‘चतुर्थी तदर्थार्थबलिहितसुखरक्षितै: से अर्थेन नित्यसमासो विशेष्यलिङ्गता चेति वक्तव्यम् के अनुसार इसमें ‘चतुर्थीतत्पुरूष’ समास हुआ है।
D. ‘द्विजार्था’ इत्यस्य समासविग्रह: ‘द्विजाय इयम्’ स्यात् (ब्राह्मणी के लिए दाल) ‘चतुर्थी तदर्थार्थबलिहितसुखरक्षितै: से अर्थेन नित्यसमासो विशेष्यलिङ्गता चेति वक्तव्यम् के अनुसार इसमें ‘चतुर्थीतत्पुरूष’ समास हुआ है।