Correct Answer:
Option B - थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत को ‘अधिगम के प्रयास एवं भूल का सिद्धांत’ शीर्षक से सिद्ध किया। इस सिद्धांत को सम्बन्धवाद या उद्दीपक–अनुक्रिया सिद्धांत भी कहते हैं। इनके अनुसार सीखने के लिए पुनर्बलन केन्द्रिय तत्त्व है तथा अनुक्रिया का संतोषजनक परिणाम ही उद्दीपक–अनुक्रिया बन्धन को सुदृढ़ कर सकता है।
B. थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत को ‘अधिगम के प्रयास एवं भूल का सिद्धांत’ शीर्षक से सिद्ध किया। इस सिद्धांत को सम्बन्धवाद या उद्दीपक–अनुक्रिया सिद्धांत भी कहते हैं। इनके अनुसार सीखने के लिए पुनर्बलन केन्द्रिय तत्त्व है तथा अनुक्रिया का संतोषजनक परिणाम ही उद्दीपक–अनुक्रिया बन्धन को सुदृढ़ कर सकता है।