Correct Answer:
Option B - दुर्मुखस्य भव्यं आतिथ्यं साधु: कृतवान् । दुर्मुख का भव्य स्वागत साधु ने किया। दुर्मुख मध्यरात्रि को साधु के आश्रम में प्रवेश किया। साधु के सेवा भाव को देखकर दुर्मुख ने साधु से शिक्षा लेने की प्रार्थना की।
B. दुर्मुखस्य भव्यं आतिथ्यं साधु: कृतवान् । दुर्मुख का भव्य स्वागत साधु ने किया। दुर्मुख मध्यरात्रि को साधु के आश्रम में प्रवेश किया। साधु के सेवा भाव को देखकर दुर्मुख ने साधु से शिक्षा लेने की प्रार्थना की।