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Q: `दुर्जन: परिहर्त्तव्यो विद्ययाऽलङ्कृतोऽपि सन्'' यह वचन किसने कहा है?
  • A. कालिदास ने
  • B. भारवि ने
  • C. भर्तृहरि ने
  • D. भवभूति ने
Correct Answer: Option C - यह सूक्ति भर्तृहरि ने अपने नीतिशतक में कहा है कि विद्यायुक्त दुर्जन को उसी प्रकार से त्याग देना चाहिए जिस प्रकार मणियुक्त सर्प को त्याग दिया जाता है।
C. यह सूक्ति भर्तृहरि ने अपने नीतिशतक में कहा है कि विद्यायुक्त दुर्जन को उसी प्रकार से त्याग देना चाहिए जिस प्रकार मणियुक्त सर्प को त्याग दिया जाता है।

Explanations:

यह सूक्ति भर्तृहरि ने अपने नीतिशतक में कहा है कि विद्यायुक्त दुर्जन को उसी प्रकार से त्याग देना चाहिए जिस प्रकार मणियुक्त सर्प को त्याग दिया जाता है।