Correct Answer:
Option B - दिल्ली का प्रथम सुल्तान इल्तुतमिश था जिसने अपने दरबार में गैर इस्लामी प्रथाओं का प्रचलन कराया था। इल्तुतमिश और बलबन दोनों ने अपने वंश को फिरदौसी के शाहनामा में उल्लिखित पौराणिक अफरासियाब वंश से जोड़ा है। रजिया को अपना उत्तराधिकारी चुनते समय भी इल्तुतमिश ने ईरानी परंपरा से प्रेरणा ली थी जहाँ पिता के बाद पुत्री के सिंहासनारोहण के उदाहरण प्राप्त होते थे। बलबन ने अपने दरबार में सिजदा और पाबोस तथा इसके साथ ही नवरोज का उत्सव मनाना शुरू किया था।
B. दिल्ली का प्रथम सुल्तान इल्तुतमिश था जिसने अपने दरबार में गैर इस्लामी प्रथाओं का प्रचलन कराया था। इल्तुतमिश और बलबन दोनों ने अपने वंश को फिरदौसी के शाहनामा में उल्लिखित पौराणिक अफरासियाब वंश से जोड़ा है। रजिया को अपना उत्तराधिकारी चुनते समय भी इल्तुतमिश ने ईरानी परंपरा से प्रेरणा ली थी जहाँ पिता के बाद पुत्री के सिंहासनारोहण के उदाहरण प्राप्त होते थे। बलबन ने अपने दरबार में सिजदा और पाबोस तथा इसके साथ ही नवरोज का उत्सव मनाना शुरू किया था।