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Q: ‘दु:ख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज जो नहीं कही’– काव्य पंक्तियाँ किस कृति की है?
  • A. आँसू
  • B. सरोज स्मृति
  • C. राम की शक्ति पूजा
  • D. निर्झरिणी
Correct Answer: Option B - ‘दु:ख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज जो नहीं कही’ काव्य पंक्ति सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘सरोज स्मृति’ की है। सरोज स्मृति को हिन्दी का प्रथम शोकगीत माना जाता है। निराला ने इसे अपनी पुत्री ‘सरोज’ को केन्द्र में रखकर लिखा है। ‘आँसू’ जयशंकर प्रसाद की कृति है। राम की शक्तिपूजा निराला की ही कविता है जो ‘अनामिका’ संग्रह में है। निर्झरिणी रामधारी सिंह दिनकर की कृति है।
B. ‘दु:ख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज जो नहीं कही’ काव्य पंक्ति सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘सरोज स्मृति’ की है। सरोज स्मृति को हिन्दी का प्रथम शोकगीत माना जाता है। निराला ने इसे अपनी पुत्री ‘सरोज’ को केन्द्र में रखकर लिखा है। ‘आँसू’ जयशंकर प्रसाद की कृति है। राम की शक्तिपूजा निराला की ही कविता है जो ‘अनामिका’ संग्रह में है। निर्झरिणी रामधारी सिंह दिनकर की कृति है।

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‘दु:ख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज जो नहीं कही’ काव्य पंक्ति सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘सरोज स्मृति’ की है। सरोज स्मृति को हिन्दी का प्रथम शोकगीत माना जाता है। निराला ने इसे अपनी पुत्री ‘सरोज’ को केन्द्र में रखकर लिखा है। ‘आँसू’ जयशंकर प्रसाद की कृति है। राम की शक्तिपूजा निराला की ही कविता है जो ‘अनामिका’ संग्रह में है। निर्झरिणी रामधारी सिंह दिनकर की कृति है।