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Q: ‘दुख ही जीवन की कथा रही, क्या कहूँ आज जो नहीं कही’- काव्य-पंक्तियां किस कृति की हैं?
  • A. आँसू
  • B. सरोज स्मृति
  • C. राम की शक्ति पूजा
  • D. निर्झरिणी
Correct Answer: Option B - उपर्युक्त काव्य पंक्ति छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘सरोज स्मृति’ की है। ‘सरोज’ कवि निराला की पुत्री थी। निराला कृत ‘सरोज स्मृति’ को हिन्दी का सर्वश्रेष्ठ तथा प्रथम शोक गीत माना जाता है। इनके द्वारा रचित अन्य काव्य कृतियां हैं- अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नये पत्ते, अर्चना आराधना गीतगुंज सांध्यकाकली इत्यादि।
B. उपर्युक्त काव्य पंक्ति छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘सरोज स्मृति’ की है। ‘सरोज’ कवि निराला की पुत्री थी। निराला कृत ‘सरोज स्मृति’ को हिन्दी का सर्वश्रेष्ठ तथा प्रथम शोक गीत माना जाता है। इनके द्वारा रचित अन्य काव्य कृतियां हैं- अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नये पत्ते, अर्चना आराधना गीतगुंज सांध्यकाकली इत्यादि।

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उपर्युक्त काव्य पंक्ति छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘सरोज स्मृति’ की है। ‘सरोज’ कवि निराला की पुत्री थी। निराला कृत ‘सरोज स्मृति’ को हिन्दी का सर्वश्रेष्ठ तथा प्रथम शोक गीत माना जाता है। इनके द्वारा रचित अन्य काव्य कृतियां हैं- अनामिका, परिमल, गीतिका, तुलसीदास, कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नये पत्ते, अर्चना आराधना गीतगुंज सांध्यकाकली इत्यादि।