Correct Answer:
Option E - 1913 में दक्षिण अफ्रीका की एक कोर्ट ने ईसाई रीति-रिवाज से नहीं हुई शादियों को अवैध करार दिया। महात्मा गांधी ने 6 नवम्बर 1913 को इस दमनकारी कानून के खिलाफ द ग्रेट मार्च का नेतृत्व किया। यह मार्च नटाल और ट्रांसवाल के मध्य किया गया। इस मार्च में 2000 से ज्यादा लोगों ने नटाल तक मार्च किया था। अंतत: सरकार को झुकना पड़ा और समझौते के लिए बाध्य होना पड़ा।
E. 1913 में दक्षिण अफ्रीका की एक कोर्ट ने ईसाई रीति-रिवाज से नहीं हुई शादियों को अवैध करार दिया। महात्मा गांधी ने 6 नवम्बर 1913 को इस दमनकारी कानून के खिलाफ द ग्रेट मार्च का नेतृत्व किया। यह मार्च नटाल और ट्रांसवाल के मध्य किया गया। इस मार्च में 2000 से ज्यादा लोगों ने नटाल तक मार्च किया था। अंतत: सरकार को झुकना पड़ा और समझौते के लिए बाध्य होना पड़ा।