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Q: दिए विकल्पों में से ‘स्वागत’ का विच्छेद क्या होगा?
  • A. सु + आगत
  • B. स्व + आगत
  • C. स्व + अगत
  • D. स्वा + गत
Correct Answer: Option A - ‘सु + आगत · स्वागत।’ यह ‘यण सन्धि’ का उदाहरण है। इस संधि के नियमानुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये, तो दोनों के स्थान पर क्रमश: य्, व्, र् हो जाता है। यण संधि के अन्य उदाहरण हैं– पितृ + आदेश– पित्रादेश, गुरु + औदार्य– गुर्वौदार्य, अति + ऊष्म– अत्यूष्म आदि।
A. ‘सु + आगत · स्वागत।’ यह ‘यण सन्धि’ का उदाहरण है। इस संधि के नियमानुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये, तो दोनों के स्थान पर क्रमश: य्, व्, र् हो जाता है। यण संधि के अन्य उदाहरण हैं– पितृ + आदेश– पित्रादेश, गुरु + औदार्य– गुर्वौदार्य, अति + ऊष्म– अत्यूष्म आदि।

Explanations:

‘सु + आगत · स्वागत।’ यह ‘यण सन्धि’ का उदाहरण है। इस संधि के नियमानुसार यदि ह्रस्व या दीर्घ इ, उ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आये, तो दोनों के स्थान पर क्रमश: य्, व्, र् हो जाता है। यण संधि के अन्य उदाहरण हैं– पितृ + आदेश– पित्रादेश, गुरु + औदार्य– गुर्वौदार्य, अति + ऊष्म– अत्यूष्म आदि।