Correct Answer:
Option D - आर्जव तर्क देता है कि भाषा विकास व्यक्ति की नैसर्गिक प्रवृत्ति से प्रभावित होता है जबकि सोनाली महसूस करती है कि यह परिवेश से प्रभावित होता है। यह चर्चा प्रकृति तथा पालन–पोषण पर वाद–विवाद है। प्रकृति बनाम पालन–पोषण (Nature versus nurture) मनोविज्ञान और सामाजिक मनोविज्ञान की शब्दावली और अवधारणा है, जिसका प्रयोग व्यक्तियों के जन्मजात सहज गुणों और उसकी परवरिश और पालन पोषण के दौरान मिले पर्यावरण और महौल के प्रभावों के द्वारा विकसित व्यवहार के लक्षणों की आपसी समपूरकता और विरोधाभासों का विवेचन किया जाता है।
D. आर्जव तर्क देता है कि भाषा विकास व्यक्ति की नैसर्गिक प्रवृत्ति से प्रभावित होता है जबकि सोनाली महसूस करती है कि यह परिवेश से प्रभावित होता है। यह चर्चा प्रकृति तथा पालन–पोषण पर वाद–विवाद है। प्रकृति बनाम पालन–पोषण (Nature versus nurture) मनोविज्ञान और सामाजिक मनोविज्ञान की शब्दावली और अवधारणा है, जिसका प्रयोग व्यक्तियों के जन्मजात सहज गुणों और उसकी परवरिश और पालन पोषण के दौरान मिले पर्यावरण और महौल के प्रभावों के द्वारा विकसित व्यवहार के लक्षणों की आपसी समपूरकता और विरोधाभासों का विवेचन किया जाता है।