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Q: ‘ठंडा लोहा’ कविता-संग्रह के रचनाकार हैं :
  • A. धर्मवीर भारती
  • B. भारतभूषण अग्रवाल
  • C. गिरिजा कुमार माथुर
  • D. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
Correct Answer: Option A - ठण्डा लोहा (1952), काव्य संग्रह के रचनाकार धर्मवीर भारती हैं। धर्मवीर भारती मूलत: प्रेम के कवि हैं। इनकी अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं- ठण्डा लोहा (1952), अंधायुग (1955), कनुप्रिया (1959), सात गीत वर्ष (1959), देशान्तर भारत भूषण अग्रवाल के काव्य संग्रह- छवि के बंधन, जाते रहो, मुक्तिमार्ग, ओ अप्रस्तुत मन, कागज के फूल , एक उठा हुआ हाथ, उतना वह सूरज है, अनुपस्थित लोग। गिरिजा कुमार माथुर के काव्य संग्रह- मंजीर (1941) नाश और निर्माण (1946) धूप के धान, शिला पंख चमकीले, छाया मत छूना, भीतरी नदी की यात्रा (1975) अभी कुछ और साक्षी रहे वर्तमान, पृथ्वी कल्प, कल्पान्तर,
A. ठण्डा लोहा (1952), काव्य संग्रह के रचनाकार धर्मवीर भारती हैं। धर्मवीर भारती मूलत: प्रेम के कवि हैं। इनकी अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं- ठण्डा लोहा (1952), अंधायुग (1955), कनुप्रिया (1959), सात गीत वर्ष (1959), देशान्तर भारत भूषण अग्रवाल के काव्य संग्रह- छवि के बंधन, जाते रहो, मुक्तिमार्ग, ओ अप्रस्तुत मन, कागज के फूल , एक उठा हुआ हाथ, उतना वह सूरज है, अनुपस्थित लोग। गिरिजा कुमार माथुर के काव्य संग्रह- मंजीर (1941) नाश और निर्माण (1946) धूप के धान, शिला पंख चमकीले, छाया मत छूना, भीतरी नदी की यात्रा (1975) अभी कुछ और साक्षी रहे वर्तमान, पृथ्वी कल्प, कल्पान्तर,

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ठण्डा लोहा (1952), काव्य संग्रह के रचनाकार धर्मवीर भारती हैं। धर्मवीर भारती मूलत: प्रेम के कवि हैं। इनकी अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं- ठण्डा लोहा (1952), अंधायुग (1955), कनुप्रिया (1959), सात गीत वर्ष (1959), देशान्तर भारत भूषण अग्रवाल के काव्य संग्रह- छवि के बंधन, जाते रहो, मुक्तिमार्ग, ओ अप्रस्तुत मन, कागज के फूल , एक उठा हुआ हाथ, उतना वह सूरज है, अनुपस्थित लोग। गिरिजा कुमार माथुर के काव्य संग्रह- मंजीर (1941) नाश और निर्माण (1946) धूप के धान, शिला पंख चमकीले, छाया मत छूना, भीतरी नदी की यात्रा (1975) अभी कुछ और साक्षी रहे वर्तमान, पृथ्वी कल्प, कल्पान्तर,