Correct Answer:
Option A - • सन् 1893 ई. में मुंख ने तैल व पेस्टल दोनों माध्यम में ‘द स्क्रीम’ (चीख या आवाज) शीर्षक से प्रसिद्ध चित्र बनाया। मुंख ने इस चित्र के चार संस्करण बनाये थे। इसमें आतंकित निसर्ग का प्रतीकात्मक अभिव्यंजनावादी चित्रण किया गया है। इस चित्र के सम्बन्ध में मुंख ने लिखा हैं- ‘मैने महसूस किया कि निसर्ग से कोई महाकरुण आवाज निकल रही है।’
• द स्क्रीम (काई) को अभिव्यंजनावाद का प्रथम चित्र माना जाता है। वर्तमान में यह चित्र नेशनल गैलरी ओस्लों (नार्वे) में सुरक्षित हैं इस चित्र का चौथा संस्करण चोरी हो गया था। जिसे 2004 में बरामद किया गया।
A. • सन् 1893 ई. में मुंख ने तैल व पेस्टल दोनों माध्यम में ‘द स्क्रीम’ (चीख या आवाज) शीर्षक से प्रसिद्ध चित्र बनाया। मुंख ने इस चित्र के चार संस्करण बनाये थे। इसमें आतंकित निसर्ग का प्रतीकात्मक अभिव्यंजनावादी चित्रण किया गया है। इस चित्र के सम्बन्ध में मुंख ने लिखा हैं- ‘मैने महसूस किया कि निसर्ग से कोई महाकरुण आवाज निकल रही है।’
• द स्क्रीम (काई) को अभिव्यंजनावाद का प्रथम चित्र माना जाता है। वर्तमान में यह चित्र नेशनल गैलरी ओस्लों (नार्वे) में सुरक्षित हैं इस चित्र का चौथा संस्करण चोरी हो गया था। जिसे 2004 में बरामद किया गया।