Correct Answer:
Option A - जीन पियाजे के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में प्रतीकात्मक खेल और जीववाद की क्षमताएं हैं।
प्रतीकात्मक खेल में वस्तुओं का प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किया जाता है, जबकि जीववाद यह विश्वास करता है कि निर्जीव वस्तुओं में भी सजीव गुण होते है।
A. जीन पियाजे के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में प्रतीकात्मक खेल और जीववाद की क्षमताएं हैं।
प्रतीकात्मक खेल में वस्तुओं का प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किया जाता है, जबकि जीववाद यह विश्वास करता है कि निर्जीव वस्तुओं में भी सजीव गुण होते है।