Correct Answer:
Option C - अत्यधिक विस्तार में भूमिज निक्षेप पूर्वी द्वीप समूह के पास पाये हैं धरातलीय भाग पर अपक्षय की क्रिया द्वारा चट्टानों में विघटन एवं वियोजन होता है जिस कारण चट्टानें बारीक से लेकर बड़े-बड़े टुकड़ों में बिखर जाती है। इन्हें भूमिज पदार्थ कहते हैं। सागरों में इनके निक्षेपण में श्रेणीकरण पाया जाता है अर्थात बड़े-बड़े पदार्थ तट के पास जमा होते हैं तथा सागर की ओर इनका आकार घटता जाता है। कणों के आकार एवं उनकी रासायनिक संरचना के आधार पर भूमिज निक्षेप को बजरी, रेत तथा पंक तीन रूपों में बाँटा जाता है।
C. अत्यधिक विस्तार में भूमिज निक्षेप पूर्वी द्वीप समूह के पास पाये हैं धरातलीय भाग पर अपक्षय की क्रिया द्वारा चट्टानों में विघटन एवं वियोजन होता है जिस कारण चट्टानें बारीक से लेकर बड़े-बड़े टुकड़ों में बिखर जाती है। इन्हें भूमिज पदार्थ कहते हैं। सागरों में इनके निक्षेपण में श्रेणीकरण पाया जाता है अर्थात बड़े-बड़े पदार्थ तट के पास जमा होते हैं तथा सागर की ओर इनका आकार घटता जाता है। कणों के आकार एवं उनकी रासायनिक संरचना के आधार पर भूमिज निक्षेप को बजरी, रेत तथा पंक तीन रूपों में बाँटा जाता है।