Correct Answer:
Option B - सार्वभौमिक स्थितिक प्रणाली (G.P.S.)–यह दिन या रात किसी भी समय पृथ्वी के सतह पर कहीं भी इच्छा के अनुसार किसी भी बिन्दु के स्थानों को निर्धारित करने का सबसे तेज और सटीक तकनीक है।
G.P.S. के वरिय खण्ड में उपग्रहों की परस्पर स्थिति ऐसी निर्धारित की गयी है कि किसी भी समय, पृथ्वी के किसी भी बिन्दु पर, 150 के काट-कोण पर, न्यूनतम 4 उपग्रह अवश्य दिखायी पड़े जो कि इनके द्वारा प्रेषित सिग्नलों के हस्तन के लिए किसी अभिग्राही के लिये अति आवश्यक होते है। परन्तु देखने में आया है कि कभी-कभी 7 उपग्रह तक भी पृथ्वी से दिखायी दे जाते है।
B. सार्वभौमिक स्थितिक प्रणाली (G.P.S.)–यह दिन या रात किसी भी समय पृथ्वी के सतह पर कहीं भी इच्छा के अनुसार किसी भी बिन्दु के स्थानों को निर्धारित करने का सबसे तेज और सटीक तकनीक है।
G.P.S. के वरिय खण्ड में उपग्रहों की परस्पर स्थिति ऐसी निर्धारित की गयी है कि किसी भी समय, पृथ्वी के किसी भी बिन्दु पर, 150 के काट-कोण पर, न्यूनतम 4 उपग्रह अवश्य दिखायी पड़े जो कि इनके द्वारा प्रेषित सिग्नलों के हस्तन के लिए किसी अभिग्राही के लिये अति आवश्यक होते है। परन्तु देखने में आया है कि कभी-कभी 7 उपग्रह तक भी पृथ्वी से दिखायी दे जाते है।