Correct Answer:
Option D - टॉटोमर (Toutomers) एक प्रकार का समावयवी (Isomer) अणु होते है जिसका सामान्य सूत्र एक सा होता है। परंतु इनके रूप अलग-अलग होते है। एक अणु के दूसरे टॉटोमेरिज्म कहलाता है। नाइट्रोजनी क्षारों के भी टॉटोमेरिक रूप हाइड्रॉक्सीलैमीन या हाइड्राजीन के उनके अभिक्रिया के फलस्वरूप बनते है।
हाइड्रॉक्सीलैमीन संभवत: साइटोसीन के अणु का अमीनो ग्रुप के स्थान पर हाइड्रॉक्सीलेशन करा देता है और अमीनों ग्रुप को इमिनोग्रुप में परिवर्तित कर देता है। इसका यह रूप अब एडेनिन से युग्मित होता है। एडिनीन एक प्यूरीन क्षार है जबकि साइटोसीन एक पिरीमिडीन क्षार है।
D. टॉटोमर (Toutomers) एक प्रकार का समावयवी (Isomer) अणु होते है जिसका सामान्य सूत्र एक सा होता है। परंतु इनके रूप अलग-अलग होते है। एक अणु के दूसरे टॉटोमेरिज्म कहलाता है। नाइट्रोजनी क्षारों के भी टॉटोमेरिक रूप हाइड्रॉक्सीलैमीन या हाइड्राजीन के उनके अभिक्रिया के फलस्वरूप बनते है।
हाइड्रॉक्सीलैमीन संभवत: साइटोसीन के अणु का अमीनो ग्रुप के स्थान पर हाइड्रॉक्सीलेशन करा देता है और अमीनों ग्रुप को इमिनोग्रुप में परिवर्तित कर देता है। इसका यह रूप अब एडेनिन से युग्मित होता है। एडिनीन एक प्यूरीन क्षार है जबकि साइटोसीन एक पिरीमिडीन क्षार है।