Correct Answer:
Option B - टिटनेस तंत्रिका तंत्र की एक गंभीर बीमारी है, जो विष उत्पन्न करने वाले जीवाणुओ के कारण होती है। इससे मांसपेशियों में (विशेष रूप से जबड़े और गर्दन) संकुचन होता है। टिटनेस क्लोस्ट्रीडियम टिटेनी जीवाणु के कारण होता है। ये शरीर के बाहर भी रह सकते है और वातावरण में दूर दूर तक फैलते है। इनके शरीर में प्रवेश करने के बाद टिटनेस बैक्टीरिया दोगुने हो जाते है तथा टिटेनोस्पैसमिन नामक विष पैदा करते है। इस प्रकार के जहर को न्यूरोटॉक्सिन कहते है, जो पूरे शरीर में फैल जाता है, और जिससे टिटनेस के लक्षण सामने दिखाई देने लगते हैं।
B. टिटनेस तंत्रिका तंत्र की एक गंभीर बीमारी है, जो विष उत्पन्न करने वाले जीवाणुओ के कारण होती है। इससे मांसपेशियों में (विशेष रूप से जबड़े और गर्दन) संकुचन होता है। टिटनेस क्लोस्ट्रीडियम टिटेनी जीवाणु के कारण होता है। ये शरीर के बाहर भी रह सकते है और वातावरण में दूर दूर तक फैलते है। इनके शरीर में प्रवेश करने के बाद टिटनेस बैक्टीरिया दोगुने हो जाते है तथा टिटेनोस्पैसमिन नामक विष पैदा करते है। इस प्रकार के जहर को न्यूरोटॉक्सिन कहते है, जो पूरे शरीर में फैल जाता है, और जिससे टिटनेस के लक्षण सामने दिखाई देने लगते हैं।