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Q: `तृषार्त; इत्यस्य शब्दस्य विग्रहं कृत्वा समासस्य नाम दीयताम्।
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  • A. तृषया आर्त: य स: तृषार्त: बहुव्रीहि:
  • B. तृषया आर्त: तृतीया तत्पुरुष:
  • C. तृषायै आर्त: चतुर्थी तत्पुरुष:
  • D. तृषाया: आर्त: पञ्चमी तत्पुरुष:
Correct Answer: Option B - `तृषार्त:' इत्यस्य शब्दस्य विग्रहं कृत्वा समासस्य नाम तृषया आर्त: – तृतीया तत्पुरुष: दीयताम्। तत्पुरुष समास का सूत्र – `तत्पुरुष:' अधिकारोऽयं प्राग्बहुव्रीहे:। बहुव्रीहि से पहले तत्पुरुष का अधिकार है, अर्थात् शेष बहुव्रीहि से पहले जिन सूत्रों से समास कहा गया हैै, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
B. `तृषार्त:' इत्यस्य शब्दस्य विग्रहं कृत्वा समासस्य नाम तृषया आर्त: – तृतीया तत्पुरुष: दीयताम्। तत्पुरुष समास का सूत्र – `तत्पुरुष:' अधिकारोऽयं प्राग्बहुव्रीहे:। बहुव्रीहि से पहले तत्पुरुष का अधिकार है, अर्थात् शेष बहुव्रीहि से पहले जिन सूत्रों से समास कहा गया हैै, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।

Explanations:

`तृषार्त:' इत्यस्य शब्दस्य विग्रहं कृत्वा समासस्य नाम तृषया आर्त: – तृतीया तत्पुरुष: दीयताम्। तत्पुरुष समास का सूत्र – `तत्पुरुष:' अधिकारोऽयं प्राग्बहुव्रीहे:। बहुव्रीहि से पहले तत्पुरुष का अधिकार है, अर्थात् शेष बहुव्रीहि से पहले जिन सूत्रों से समास कहा गया हैै, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।