search
Q: ‘तीस-चालीस-पचास’ उपन्यास के लेखक हैं:
  • A. केशवप्रसाद मिश्र
  • B. भैरवप्रसाद गुप्त
  • C. राजेन्द्र यादव
  • D. प्रभाकर माचवे
Correct Answer: Option D - ‘तीस-चालीस-पचास’ (1973 ई.) उपन्यास के लेखक ‘प्रभाकर माचवे’ हैं। इनके अन्य उपन्यास हैं– परन्तु, दर्द के पैबंद, एकतारा, लापता आदि। भैरवप्रसाद गुप्त ने ‘सती मैया का चौरा’, काशी बाबू, भाग्यदेवता, अन्तिम अध्याय, शोले, मशाल आदि उपन्यास लिखा। प्रेत बोलते हैंं, उखड़े हुए लोग, कुलटा, शह और मात, एक इंच मुस्कान, अनदेखे अनजाने पुल आदि राजेन्द्र यादव के उपन्यास हैं।
D. ‘तीस-चालीस-पचास’ (1973 ई.) उपन्यास के लेखक ‘प्रभाकर माचवे’ हैं। इनके अन्य उपन्यास हैं– परन्तु, दर्द के पैबंद, एकतारा, लापता आदि। भैरवप्रसाद गुप्त ने ‘सती मैया का चौरा’, काशी बाबू, भाग्यदेवता, अन्तिम अध्याय, शोले, मशाल आदि उपन्यास लिखा। प्रेत बोलते हैंं, उखड़े हुए लोग, कुलटा, शह और मात, एक इंच मुस्कान, अनदेखे अनजाने पुल आदि राजेन्द्र यादव के उपन्यास हैं।

Explanations:

‘तीस-चालीस-पचास’ (1973 ई.) उपन्यास के लेखक ‘प्रभाकर माचवे’ हैं। इनके अन्य उपन्यास हैं– परन्तु, दर्द के पैबंद, एकतारा, लापता आदि। भैरवप्रसाद गुप्त ने ‘सती मैया का चौरा’, काशी बाबू, भाग्यदेवता, अन्तिम अध्याय, शोले, मशाल आदि उपन्यास लिखा। प्रेत बोलते हैंं, उखड़े हुए लोग, कुलटा, शह और मात, एक इंच मुस्कान, अनदेखे अनजाने पुल आदि राजेन्द्र यादव के उपन्यास हैं।