Correct Answer:
Option D - ‘तारसप्तक’ का प्रकाशन सन् 1943 ई. में हुआ। तारसप्तक का संपादन सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय ने किया। इसके प्रकाशन से ही प्रयोगवाद का प्रारम्भ माना जाता है। इसमें सात प्रयोगवादी कवियों की रचनाओं का संग्रह है। इन कवियों के नाम इस प्रकार हैं- 1. अज्ञेय, 2. रामविलास शर्मा, 3. मुक्तिबोध, 4. प्रभाकर माचवे, 5. नेमिचन्द जैन, 6. गिरजा कुमार माथुर 7. भारत भूषण अग्रवाल। कुल चार सप्तकों का प्रकाशन अज्ञेय के ही सम्पादकत्व में हुआ। विवरण इस प्रकार है-
1. तारसप्तक - 1943 ई. 2. दूसरा सप्तक - 1951 ई.
3. तीसरा सप्तक - 1959 ई. 4. चौथा सप्तक - 1979 ई.।
D. ‘तारसप्तक’ का प्रकाशन सन् 1943 ई. में हुआ। तारसप्तक का संपादन सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय ने किया। इसके प्रकाशन से ही प्रयोगवाद का प्रारम्भ माना जाता है। इसमें सात प्रयोगवादी कवियों की रचनाओं का संग्रह है। इन कवियों के नाम इस प्रकार हैं- 1. अज्ञेय, 2. रामविलास शर्मा, 3. मुक्तिबोध, 4. प्रभाकर माचवे, 5. नेमिचन्द जैन, 6. गिरजा कुमार माथुर 7. भारत भूषण अग्रवाल। कुल चार सप्तकों का प्रकाशन अज्ञेय के ही सम्पादकत्व में हुआ। विवरण इस प्रकार है-
1. तारसप्तक - 1943 ई. 2. दूसरा सप्तक - 1951 ई.
3. तीसरा सप्तक - 1959 ई. 4. चौथा सप्तक - 1979 ई.।