Correct Answer:
Option A - तरुणस्य नाम ‘शङ्कुक: आसीत।
प्रसंगानुसार तरुण का नाम शङ्कुक था। गद्य के अनुसार जब तरुण पढ़ाने लगा, गांव के लगभग छात्र उसकी कक्षा में आने लगे, तब अन्य अध्यापकों को उससे असूया हो जाती है और वे ग्रामीणों से निन्दा कर तरुण की कक्षा में विद्यार्थियों का आना बंद करवा देते है। तब तरुण शङ्कुओं को रखकर पढ़ाना आरंभ करता है और उसका नाम शङ्कुक हो जाता है। शङ्कुक का रस निष्पत्ति के विषय में ‘अनुमिति’ वाद अत्यन्त प्रसिद्ध है।
A. तरुणस्य नाम ‘शङ्कुक: आसीत।
प्रसंगानुसार तरुण का नाम शङ्कुक था। गद्य के अनुसार जब तरुण पढ़ाने लगा, गांव के लगभग छात्र उसकी कक्षा में आने लगे, तब अन्य अध्यापकों को उससे असूया हो जाती है और वे ग्रामीणों से निन्दा कर तरुण की कक्षा में विद्यार्थियों का आना बंद करवा देते है। तब तरुण शङ्कुओं को रखकर पढ़ाना आरंभ करता है और उसका नाम शङ्कुक हो जाता है। शङ्कुक का रस निष्पत्ति के विषय में ‘अनुमिति’ वाद अत्यन्त प्रसिद्ध है।