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Q: ‘तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ इस पंक्ति में कौन सा अलंकार है?
  • A. रूपक अलंकार
  • B. उपमा अलंकार
  • C. अतिशयोक्ति
  • D. अनुप्रास अलंकार
Correct Answer: Option D - उपर्युक्त पंक्ति ‘तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ में अनुप्रास अलंकार है, क्योंकि पंक्ति में ‘त’ वर्ण की आवृति बार-बार हो रहीं है। अनुप्रास अलंकार – जहाँ किसी पंक्ति में एक ही वर्ण की अनेक बार आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। जैसे :– चारु चंद्र की चंचल किरणे, खेल रहीं है जल थल में।
D. उपर्युक्त पंक्ति ‘तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ में अनुप्रास अलंकार है, क्योंकि पंक्ति में ‘त’ वर्ण की आवृति बार-बार हो रहीं है। अनुप्रास अलंकार – जहाँ किसी पंक्ति में एक ही वर्ण की अनेक बार आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। जैसे :– चारु चंद्र की चंचल किरणे, खेल रहीं है जल थल में।

Explanations:

उपर्युक्त पंक्ति ‘तरनि तनुजा तट तमाल तरुवर बहु छाए’ में अनुप्रास अलंकार है, क्योंकि पंक्ति में ‘त’ वर्ण की आवृति बार-बार हो रहीं है। अनुप्रास अलंकार – जहाँ किसी पंक्ति में एक ही वर्ण की अनेक बार आवृत्ति हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। जैसे :– चारु चंद्र की चंचल किरणे, खेल रहीं है जल थल में।