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Q: ‘तल्लय:’ का सन्धि विग्रह है
  • A. तत् + लय:
  • B. तल् + लय:
  • C. त: + लय:
  • D. तल्ल् + य:
Correct Answer: Option A - ‘तत् + लय’ = तल्लय:। ‘तत् + लय:’ में तत् के तकार के स्थान पर ‘झलां जशोऽन्ते’ सूत्र से ‘जश’ प्राप्त हुए तथा ‘स्थानेऽन्तरतम:’ की सहायता से तकार के स्थान पर दकार की प्राप्ति होकर ‘तद्ल+य:’ बना। अब ‘तोर्लि’ सूत्र से तवर्ग ‘द्’ के बाद ल् है अत: द् के स्थान पर ल् का सवर्ण ल् हो गया। अत: तल् + लय: = ‘तल्लय:’ रूप बना।
A. ‘तत् + लय’ = तल्लय:। ‘तत् + लय:’ में तत् के तकार के स्थान पर ‘झलां जशोऽन्ते’ सूत्र से ‘जश’ प्राप्त हुए तथा ‘स्थानेऽन्तरतम:’ की सहायता से तकार के स्थान पर दकार की प्राप्ति होकर ‘तद्ल+य:’ बना। अब ‘तोर्लि’ सूत्र से तवर्ग ‘द्’ के बाद ल् है अत: द् के स्थान पर ल् का सवर्ण ल् हो गया। अत: तल् + लय: = ‘तल्लय:’ रूप बना।

Explanations:

‘तत् + लय’ = तल्लय:। ‘तत् + लय:’ में तत् के तकार के स्थान पर ‘झलां जशोऽन्ते’ सूत्र से ‘जश’ प्राप्त हुए तथा ‘स्थानेऽन्तरतम:’ की सहायता से तकार के स्थान पर दकार की प्राप्ति होकर ‘तद्ल+य:’ बना। अब ‘तोर्लि’ सूत्र से तवर्ग ‘द्’ के बाद ल् है अत: द् के स्थान पर ल् का सवर्ण ल् हो गया। अत: तल् + लय: = ‘तल्लय:’ रूप बना।