Correct Answer:
Option B - विशेष मरम्मत प्राक्कलन (Special repairs estimate): - एक विशेष मरम्मत प्राक्कलन तब तैयार किया जाता है जब सामग्री की लागत वार्षिक मरम्मत अनुमान लागत की तुलना में बढ़ जाती है।
जैसे- 1. नये दरवाजे की ओपनिंग, फर्श परिवर्तन, दीवारों पर पुन: प्लास्टरिंग इत्यादि विशेष मरम्मत प्राक्कलन के अन्तर्गत आते हैं।
2. सड़क की सतह पर पुरानी धातु को बाहर निकालना, अधिक धातु को जोड़कर पुन: निर्माण करना और सड़क के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में ऊपरी सतह को फिर से रंगना।
वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन (Annual Repair Estimate)- वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन को रख-रखाव प्राक्कलन भी कहते हैं जो इमारत के रख-रखाव रखने की लागत जानने के लिए किया जाता है।
वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन में सफेदी, पेंटिंग और छोटी मोटी मरम्मत आदि का ध्यान रखा जाता है।
B. विशेष मरम्मत प्राक्कलन (Special repairs estimate): - एक विशेष मरम्मत प्राक्कलन तब तैयार किया जाता है जब सामग्री की लागत वार्षिक मरम्मत अनुमान लागत की तुलना में बढ़ जाती है।
जैसे- 1. नये दरवाजे की ओपनिंग, फर्श परिवर्तन, दीवारों पर पुन: प्लास्टरिंग इत्यादि विशेष मरम्मत प्राक्कलन के अन्तर्गत आते हैं।
2. सड़क की सतह पर पुरानी धातु को बाहर निकालना, अधिक धातु को जोड़कर पुन: निर्माण करना और सड़क के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में ऊपरी सतह को फिर से रंगना।
वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन (Annual Repair Estimate)- वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन को रख-रखाव प्राक्कलन भी कहते हैं जो इमारत के रख-रखाव रखने की लागत जानने के लिए किया जाता है।
वार्षिक मरम्मत प्राक्कलन में सफेदी, पेंटिंग और छोटी मोटी मरम्मत आदि का ध्यान रखा जाता है।