Correct Answer:
Option C - जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव थे। जैन परम्परा के अनुसार 24 तीर्थकर हुए। 23 वें तीर्थकर पार्श्वनाथ थे जिनका सम्बन्ध वाराणसी (बनारस) से था। पाश्र्वनाथ का काल महावीर से 250 वर्ष पूर्व माना जाता है। इनके अनुयायियों को निर्ग्रन्थ कहा जाता था। जैन अनुश्रुतियों के अनुसार पार्श्वनाथ को 100 वर्ष की आयु में सम्मेद पर्वत पर निर्वाण प्राप्त हुआ।
C. जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव थे। जैन परम्परा के अनुसार 24 तीर्थकर हुए। 23 वें तीर्थकर पार्श्वनाथ थे जिनका सम्बन्ध वाराणसी (बनारस) से था। पाश्र्वनाथ का काल महावीर से 250 वर्ष पूर्व माना जाता है। इनके अनुयायियों को निर्ग्रन्थ कहा जाता था। जैन अनुश्रुतियों के अनुसार पार्श्वनाथ को 100 वर्ष की आयु में सम्मेद पर्वत पर निर्वाण प्राप्त हुआ।