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Q: तेइसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म कहां हुआ था?
  • A. आगरा
  • B. बनारस
  • C. प्रयागराज
  • D. कानपुर
Correct Answer: Option B - जैनधर्म के 23वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ थे। इनका जन्म वाराणसी के भेलूपुर में हुआ था। तीर्थंकर पाश्र्वनाथ 30 वर्ष की आयु में गृह त्याग दिए तथा 83 दिन की कठोर तपस्या के बाद 84वें दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। अंत में अपना निर्वाणकाल समीप जानकर श्री सम्मेद शिखरजी, जो झारखण्ड में पारसनाथ की पहाड़ी पर स्थित है, चले गए जहाँ श्रावण शुक्ल सप्तमी को उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।
B. जैनधर्म के 23वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ थे। इनका जन्म वाराणसी के भेलूपुर में हुआ था। तीर्थंकर पाश्र्वनाथ 30 वर्ष की आयु में गृह त्याग दिए तथा 83 दिन की कठोर तपस्या के बाद 84वें दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। अंत में अपना निर्वाणकाल समीप जानकर श्री सम्मेद शिखरजी, जो झारखण्ड में पारसनाथ की पहाड़ी पर स्थित है, चले गए जहाँ श्रावण शुक्ल सप्तमी को उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।

Explanations:

जैनधर्म के 23वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ थे। इनका जन्म वाराणसी के भेलूपुर में हुआ था। तीर्थंकर पाश्र्वनाथ 30 वर्ष की आयु में गृह त्याग दिए तथा 83 दिन की कठोर तपस्या के बाद 84वें दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। अंत में अपना निर्वाणकाल समीप जानकर श्री सम्मेद शिखरजी, जो झारखण्ड में पारसनाथ की पहाड़ी पर स्थित है, चले गए जहाँ श्रावण शुक्ल सप्तमी को उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई।