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Q: ‘तो पर वारौं उरबसी, सुुनु राधिके सुजान। तू मोहन के उर बसी, ह्वै उरबसी समान।।’ दोहे में अलंकार है-
  • A. यमक अलंकार
  • B. अनुप्रास अलंकार
  • C. श्लेष अलंकार
  • D. वक्रोक्ति अलंकार
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त दोहे में ‘यमक अलंकार’ है। यमक अलंकार – जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाए, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में उर का अर्थ स्वर्ग की अप्सरा उर्वशी और हृदय में बसने, दोनों के रूप में निकल कर आ रहा है।
A. उपर्युक्त दोहे में ‘यमक अलंकार’ है। यमक अलंकार – जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाए, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में उर का अर्थ स्वर्ग की अप्सरा उर्वशी और हृदय में बसने, दोनों के रूप में निकल कर आ रहा है।

Explanations:

उपर्युक्त दोहे में ‘यमक अलंकार’ है। यमक अलंकार – जहाँ एक शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाए, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में उर का अर्थ स्वर्ग की अप्सरा उर्वशी और हृदय में बसने, दोनों के रूप में निकल कर आ रहा है।