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Q: ते मम मित्रा: सन्ति इत्यस्य शुद्धरूपं भवेत्
  • A. ते मम मित्राणि सन्ति
  • B. तानि मया मित्रेण सन्ति
  • C. तानि मया मित्र: सन्ति
  • D. एकाधिकविकल्पा उपयुक्ता:
  • E. न कोऽपि उपयुक्त:
Correct Answer: Option A - ``ते मम मित्रा: सन्ति'' इत्यस्य शुद्ध रूपं ``ते मम मित्राणि सन्ति'' इति भवति। अर्थात् ``ते मम मित्रा: सन्ति'' इसका शुद्ध रूप ते मम मित्राणि सन्ति'' होगा, क्योंकि मित्र शब्द का अर्थ जब सखा या दोस्त होता है तब वह नपुंसक लिङ्ग में प्रयुक्त होता है। जब मित्र पद का अर्थ सूर्य होता है। तब वह पुल्लिंग में प्रयुक्त होता है।
A. ``ते मम मित्रा: सन्ति'' इत्यस्य शुद्ध रूपं ``ते मम मित्राणि सन्ति'' इति भवति। अर्थात् ``ते मम मित्रा: सन्ति'' इसका शुद्ध रूप ते मम मित्राणि सन्ति'' होगा, क्योंकि मित्र शब्द का अर्थ जब सखा या दोस्त होता है तब वह नपुंसक लिङ्ग में प्रयुक्त होता है। जब मित्र पद का अर्थ सूर्य होता है। तब वह पुल्लिंग में प्रयुक्त होता है।

Explanations:

``ते मम मित्रा: सन्ति'' इत्यस्य शुद्ध रूपं ``ते मम मित्राणि सन्ति'' इति भवति। अर्थात् ``ते मम मित्रा: सन्ति'' इसका शुद्ध रूप ते मम मित्राणि सन्ति'' होगा, क्योंकि मित्र शब्द का अर्थ जब सखा या दोस्त होता है तब वह नपुंसक लिङ्ग में प्रयुक्त होता है। जब मित्र पद का अर्थ सूर्य होता है। तब वह पुल्लिंग में प्रयुक्त होता है।