Explanations:
समय के साथ पहाड़ी चट्टानों के टूटने से चट्टानी मैदानी क्षेत्र का निर्माण होता है जिसे गैर-जलोढ़ मृदा कहा जाता है। इसकी स्थलाकृति असमान तथा नींव कठोर होती है इस प्रकार की मृदा से होकर गुजरने वाली नदी में अपना मार्ग बदलने की प्रवृति नहीं होती है।