Correct Answer:
Option A - सामाजिक अंतर एवं सामाजिक स्तरीकरण प्रमुख रूप से हमारे भाषा उपयोग करने के तरीके में देखे जाते हैं।
प्रत्येक समाज में किसी व्यक्ति अथवा समूह को उसकी जाति, आयु, लिंग, व्यवसाय, भाषा, पद, अधिकार एवं उत्तरदायित्व आदि के आधार पर उच्च अथवा निम्न स्तर प्रदान किया जाता है। इसी स्तर को सामाजिक स्तरीकरण कहा जाता है। प्रत्येक स्थान की अपनी एक भाषा होती है जैसे उत्तर प्रदेश की भाषा तथा केरल की भाषा यह दोनों की अपनी एक भाषा होती है जिसे वह अपने नियम के अनुरूप उपयोग करते हैं।
सामाजिक अंतर का अर्थ है– जाति, धर्म, भाषा अथवा संस्कृति के कारण लोगों के समूहों में अन्तर होना। यह सामाजिक विभाजन तब बन जाती है जब कुछ सामाजिक विभिन्नताएँ किसी अन्य सामाजिक विभिन्नताओं से मिल जाती है। उदाहरण के लिए अमेरिका में अश्वेतों तथा श्वेतों में अंतर उनकी भिन्न जाति के कारण है, जो कि सामाजिक अन्तर है।
A. सामाजिक अंतर एवं सामाजिक स्तरीकरण प्रमुख रूप से हमारे भाषा उपयोग करने के तरीके में देखे जाते हैं।
प्रत्येक समाज में किसी व्यक्ति अथवा समूह को उसकी जाति, आयु, लिंग, व्यवसाय, भाषा, पद, अधिकार एवं उत्तरदायित्व आदि के आधार पर उच्च अथवा निम्न स्तर प्रदान किया जाता है। इसी स्तर को सामाजिक स्तरीकरण कहा जाता है। प्रत्येक स्थान की अपनी एक भाषा होती है जैसे उत्तर प्रदेश की भाषा तथा केरल की भाषा यह दोनों की अपनी एक भाषा होती है जिसे वह अपने नियम के अनुरूप उपयोग करते हैं।
सामाजिक अंतर का अर्थ है– जाति, धर्म, भाषा अथवा संस्कृति के कारण लोगों के समूहों में अन्तर होना। यह सामाजिक विभाजन तब बन जाती है जब कुछ सामाजिक विभिन्नताएँ किसी अन्य सामाजिक विभिन्नताओं से मिल जाती है। उदाहरण के लिए अमेरिका में अश्वेतों तथा श्वेतों में अंतर उनकी भिन्न जाति के कारण है, जो कि सामाजिक अन्तर है।