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Q: ‘शिवराजविजय:’ रचना अस्ति–
  • A. अम्बिकादत्तव्यासस्य
  • B. पण्डितराजजगन्नाथस्य
  • C. दण्डिन:
  • D. बाणभट्टस्य
Correct Answer: Option A - : ‘शिवराजविजय:’ रचना अम्बिकादत्त-व्यासस्य अस्ति। ‘शिवराजविजय’ पं. अम्बिकादत्त व्यास की रचना है। यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो तीन विरामों तथा बारह नि:श्वासों में विभक्त है। यह वीर रस प्रधान उपन्यास है। इसके नायक शिवाजी हैं। इसमें दो समान्तर धाराएँ स्वतन्त्र रूप से प्रवाहित होती हैं- एक के नायक शिवाजी हैं तो दूसरे के नायक रघुवीर सिंह हैं। ‘शिवराज विजयम्’ 1870 ई. में लिखा गया था जो काशी से 1901 ई. में प्रकाशित हुआ।
A. : ‘शिवराजविजय:’ रचना अम्बिकादत्त-व्यासस्य अस्ति। ‘शिवराजविजय’ पं. अम्बिकादत्त व्यास की रचना है। यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो तीन विरामों तथा बारह नि:श्वासों में विभक्त है। यह वीर रस प्रधान उपन्यास है। इसके नायक शिवाजी हैं। इसमें दो समान्तर धाराएँ स्वतन्त्र रूप से प्रवाहित होती हैं- एक के नायक शिवाजी हैं तो दूसरे के नायक रघुवीर सिंह हैं। ‘शिवराज विजयम्’ 1870 ई. में लिखा गया था जो काशी से 1901 ई. में प्रकाशित हुआ।

Explanations:

: ‘शिवराजविजय:’ रचना अम्बिकादत्त-व्यासस्य अस्ति। ‘शिवराजविजय’ पं. अम्बिकादत्त व्यास की रचना है। यह एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो तीन विरामों तथा बारह नि:श्वासों में विभक्त है। यह वीर रस प्रधान उपन्यास है। इसके नायक शिवाजी हैं। इसमें दो समान्तर धाराएँ स्वतन्त्र रूप से प्रवाहित होती हैं- एक के नायक शिवाजी हैं तो दूसरे के नायक रघुवीर सिंह हैं। ‘शिवराज विजयम्’ 1870 ई. में लिखा गया था जो काशी से 1901 ई. में प्रकाशित हुआ।