Correct Answer:
Option D - आत्म-सम्मान के सन्दर्भ में कहा जा सकता है कि यह आत्म-अवधारणा का स्व-मूल्यांकन वाला हिस्सा है, क्योंकि इसमें ‘‘मैं कौन हूँ?’’ का जवाब निहित होता है तथा नव-पियाजे के सिद्धान्त में, यह बच्चों की खुद का वर्णन करने और परिभाषित करने की बढ़ती संज्ञानात्मक क्षमता पर आधारित है। जिसमें बालक किसी समस्या का समाधान करने के लिए पहले सीखी हुई योजनाओं या मानसिक क्रियाओं का सहारा लेता है।
D. आत्म-सम्मान के सन्दर्भ में कहा जा सकता है कि यह आत्म-अवधारणा का स्व-मूल्यांकन वाला हिस्सा है, क्योंकि इसमें ‘‘मैं कौन हूँ?’’ का जवाब निहित होता है तथा नव-पियाजे के सिद्धान्त में, यह बच्चों की खुद का वर्णन करने और परिभाषित करने की बढ़ती संज्ञानात्मक क्षमता पर आधारित है। जिसमें बालक किसी समस्या का समाधान करने के लिए पहले सीखी हुई योजनाओं या मानसिक क्रियाओं का सहारा लेता है।