Correct Answer:
Option B - पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’
B. पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’
Explanations:
पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’
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