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Q: ‘शिवराजविजय’ गद्यकाव्य का आरम्भ होता है–
  • A. शिवाजी की शूरता के वर्णन से
  • B. सूर्योदय-वर्णन से
  • C. गौरसिंह के वर्णन से
  • D. अफज़ल खाँ के वर्णन से
Correct Answer: Option B - पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’
B. पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’

Explanations:

पण्डित अम्बिकादत्त व्यास प्रणीत शिवराज विजय का प्रारम्भ सूर्योदय वर्णन से होता है। वहाँ पर एक ब्रह्मचारी बालक कहता है – ‘‘अरण एष प्रकाश ........।’